“सेवा सुरक्षा” और टेट अनिवार्यता मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री-शिक्षा मंत्री से मुलाकात करेगा शिक्षक साझा मंच, ठोस निर्णय नहीं आने पर बनेगी चरणबद्ध आंदोलन की रुपरेखा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के लिए टेट (TET) की अनिवार्यता और उससे जुड़ी सेवा सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। शिक्षक साझा मंच का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर पूर्व में दिए गए आश्वासन पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगेगा।

 

शिक्षक साझा मंच ने 15 जुलाई को रायपुर के बूढ़ातालाब मैदान में सेवा सुरक्षा सहित विभिन्न मांगों को लेकर एकदिवसीय आंदोलन किया था। उसके पश्चातआंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी के साथ लगातार संवाद और संगठनात्मक गतिविधियां जारी रहीं। इसी दौरान मंच के प्रतिनिधियों सभी विकासखंड में सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा निकाली थी उसके बाद ने शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री निवास पर अनिश्चितकालीन आदोलन को मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से मिले आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया था।

 

रविन्द्र राठौर संचालक शिक्षक साझा मंच का कहना है कि मुख्यमंत्री से पूर्व में हुई मुलाकात के दौरान शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि किसी भी शिक्षक की सेवा को लेकर डरने की आवश्यकता नहीं है तथा विधिक पहलुओं पर चर्चा कर विभागीय परीक्षा के माध्यम से समाधान का रास्ता निकाला जाएगा। इस आश्वासन के बाद शिक्षक साझा मंच ने अपना प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन वापस ले लिया था। इसके बाद मंच के प्रतिनिधिमंडल ने लगातार DPI, शिक्षा सचिव सहित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की। मंच के मुताबिक, पिछले महीने DPI स्तर से भी विभागीय परीक्षा आयोजित किए जाने की दिशा में तैयारी किए जाने की बात कही गई थी और जल्द ही संबंधित प्रक्रिया अथवा अधिसूचना जारी होने का भरोसा दिलाया गया था।

 

आश्वासन के बाद भी आदेश नहीं, शिक्षकों में बढ़ी बेचैनी

 

समय बीतने के बावजूद विभाग की ओर से अब तक स्पष्ट आदेश या परीक्षा संबंधी अधिसूचना जारी नहीं होने से शिक्षकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

 

विकास राजपूत संचालक शिक्षक साझा मंच का कहना है कि सेवा सुरक्षा का मुद्दा हजारों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन को अब ठोस निर्णय में बदलना जरूरी है।मंच के प्रतिनिधि जल्द ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर विभागीय टेट/परीक्षा की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने तथा टेट अनिवार्यता के कारण प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखेंगे।

 

प्रदीप पाण्डेय संचालक शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान की उम्मीद कर रहा है। लेकिन यदि आश्वासन के बावजूद इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो मंच आगामी दिनों में नई रणनीति और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करने के लिए मजबूर होगा।

 

जाकेश साहू संचालक ने कहा कि विदित है की शिक्षक साझा मंच कई शिक्षक संगठन का प्रतिनिधित्व कर रहा है जिसमे पुरे छत्तीसगढ़ से शिक्षक संगठन जुड़े हुए है। हम सभी चाहते है कि विभाग जल्द से जल्द हमारे हित सेवा सुरक्षा पर लिखित विभागीय परीक्षा का नोटिफिकेशन निकले।

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