TET पर शिक्षकों के लिए खुश खबरी : केंद्र ने शुरू की नियमों की समीक्षा, 30 दिन में राज्यों से मांगा फीडबैक।
इन-सर्विस शिक्षकों के लिए TET नियमों की व्यापक समीक्षा प्रस्तावित, केंद्र ने मांगे राज्यों से सुझाव
नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन-सर्विस शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से जुड़े मौजूदा नियमों की व्यापक समीक्षा और विधायी ढांचे के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में 16 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षकों से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों तथा सुझावों पर डेटा आधारित जानकारी मांगी गई है।
TET को लेकर शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं पर होगा विचार
ज्ञापन में कहा गया है कि सभी कार्यरत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता से संबंधित हालिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद विभिन्न राज्यों से कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। इन अभ्यावेदनों में सेवा में कार्यरत शिक्षकों के सामने आने वाली व्यावहारिक और संरचनात्मक कठिनाइयों को रेखांकित किया गया है।
दस्तावेज के अनुसार, 1 सितंबर 2025 के न्यायालय के निर्णय और 29 मई 2026 के आदेश के माध्यम से 31 अगस्त 2028 तक दिए गए विस्तार को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा संक्रमणकालीन ढांचा तैयार करने की आवश्यकता बताई गई है, जो कानूनी रूप से व्यवहार्य होने के साथ-साथ कार्यरत शिक्षकों की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखे।
TET पात्रता मानकों की होगी समीक्षा
प्रस्तावित समीक्षा के तहत मौजूदा TET पात्रता और योग्यता मानदंडों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य शैक्षणिक मानकों और शिक्षकों की सेवा एवं करियर निरंतरता के बीच संतुलन बनाने की संभावनाओं का अध्ययन करना है।
इसके अलावा, वर्तमान में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने की रणनीतियों पर भी विचार किया जाएगा, जिन्हें नए कानूनी प्रावधानों के अनुरूप TET से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
साल में दो बार TET कराने की दिशा में सुझाव
ज्ञापन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को TET परीक्षा के नियमित और समयबद्ध आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने का निर्देश देने की बात कही गई है। इसमें द्विवार्षिक यानी साल में दो बार या निर्धारित परीक्षा विंडो के भीतर परीक्षा आयोजित करने की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है।
राज्यों, NCTE और विशेषज्ञों से लिया जाएगा सुझाव
समीक्षा प्रक्रिया में राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) और शिक्षा विशेषज्ञों के साथ परामर्श किए जाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य TET से जुड़े नियमों और उनके क्रियान्वयन को लेकर व्यापक सहमति बनाने के लिए संबंधित पक्षों की राय लेना है।
RTE Act में संशोधन की संभावना पर भी अध्ययन
ज्ञापन में संबंधित कानूनी ढांचे में संभावित वैधानिक संशोधनों की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच करने की बात भी कही गई है। इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right to Education Act) जैसे संबंधित कानूनों में संभावित बदलावों का अध्ययन शामिल है, ताकि TET नियमों के संक्रमण को आसान बनाने के विकल्पों पर विचार किया जा सके।
30 दिनों के भीतर मांगी गई रिपोर्ट
सभी संबंधित राज्य शैक्षणिक प्राधिकरणों और नोडल एजेंसियों से अपने-अपने क्षेत्रों की चुनौतियों को लेकर डेटा आधारित सुझाव और क्षेत्रीय फीडबैक 30 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है।
