प्रशिक्षण की चेकलिस्ट में निजी वस्तु का उल्लेख, महिला शिक्षिकाओं वाले व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा करने पर उठे सवाल।

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रायपुर/सुरजपुर -आरआईई भोपाल में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर जारी की गई एक चेकलिस्ट इन दिनों चर्चा में है। प्रशिक्षण के दौरान साथ ले जाने वाली आवश्यक सामग्री की यह सूची एक व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा की गई, जिसमें महिला शिक्षिकाएं भी सदस्य हैं।

 

चेकलिस्ट में यात्रा टिकट, आवश्यक दस्तावेज, कपड़े, जूते-चप्पल, प्रसाधन सामग्री सहित विभिन्न सामानों का उल्लेख किया गया है। इसी क्रम में एक अत्यंत निजी उपयोग की वस्तु का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। सामूहिक और पेशेवर व्हाट्सऐप ग्रुप में ऐसी निजी वस्तु का सीधे उल्लेख किए जाने को लेकर कुछ महिला सदस्यों में असहजता की स्थिति बनी है।

 

सदस्यों का कहना है कि प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सामग्री की जानकारी उपलब्ध कराना निश्चित रूप से उपयोगी है, लेकिन निजी उपयोग की वस्तुओं के उल्लेख में मर्यादित और सामान्य शब्दावली का इस्तेमाल किया जा सकता था। विशेष रूप से ऐसे ग्रुप में, जहां महिला एवं पुरुष शिक्षिकाएं एक साथ सदस्य हैं, आधिकारिक संवाद में भाषा की संवेदनशीलता और पेशेवर गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है।

 

यह मामला किसी व्यक्ति विशेष की नीयत पर सवाल उठाने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक एवं पेशेवर संचार में व्यक्तिगत गरिमा और संवेदनशीलता बनाए रखने से जुड़ा है। भविष्य में प्रशिक्षण संबंधी चेकलिस्ट तैयार करते अथवा साझा करते समय निजी वस्तुओं के लिए उपयुक्त एवं शालीन शब्दों का प्रयोग किया जाए, तो ऐसी असहज स्थिति से बचा जा सकता है।

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