छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने उठाई मर्ज की गई शालाओं के लिए आकस्मिकता राशि की मांग
रायपुर – छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने राज्य के शिक्षा सत्र 2025-26 में ‘युक्तियुक्तकरण’ प्रक्रिया के तहत मर्ज की गई शालाओं के संचालन में आ रही व्यवहारिक और वित्तीय समस्याओं को लेकर राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा को पत्र लिखकर त्वरित समाधान की मांग की है।
*मुख्य मांगें और समस्याएं*:
*फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष* *रविन्द्र कुमार राठौर ने बताया कि स्कूलों के संविलियन के बाद कई गंभीर चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिन पर शासन का ध्यान आकर्षित करना आवश्यक है*:
* *प्रबंधकीय दिशा-निर्देशों का अभाव: शालाओं के मर्ज होने के बाद अब तक स्पष्ट प्रबंधकीय गाइडलाइंस प्राप्त नहीं हुई हैं*। *साथ ही, औपचारिक रूप से संस्थाओं का प्रभार भी अन्य संस्थाओं को नहीं सौंपा गया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है*।
* *प्रशासनिक बोझ: संविलियन के बावजूद डेटा संकलन और अन्य प्रशासनिक कार्य पूर्व की भांति अलग-अलग शालाओं से ही लिए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों पर कार्य का बोझ बढ़ा है*।
*वित्तीय संकट और लंबित देनदारियां: शालाओं के अनिवार्य कार्यों जैसे—लघु मरम्मत, दस्तावेजीकरण, फोटोकॉपी और स्वच्छता आदि के लिए आकस्मिकता* *राशि की दूसरी किस्त अब तक जारी नहीं की गई है। पहली किस्त खर्च हो जाने के कारण वर्तमान में विभिन्न फर्मों की देनदारियां लंबित हैं।*
*फेडरेशन का तर्क है कि जब शालाओं का प्रबंधकीय कार्य और जानकारी इस वर्ष भी अलग-अलग ली जा रही है, तो ऐसी स्थिति में उनकी आकस्मिकता राशि को रोकना अनुचित है।*
*छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने मांग की है कि:*
*मर्ज की गई समस्त शालाओं को इस सत्र की शेष आकस्मिकता राशि शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि संस्था प्रमुख लंबित भुगतानों का निपटारा कर सकें और स्कूलों का संचालन सुचारू रूप से सुनिश्चित हो सके*।
पदाधिकारियों में — रविन्द्र राठौर, देवेंद्र हरमुख, मनीष मिश्रा, शेषनाथ पाण्डेय, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, सुरजीत सिंह चौहान, सिराज बक्श, पुरुषोत्तम झाड़ी, आदित्य गौरव साहू, टिकेश्वर भोई, तरुण वैष्णव, गोकुल जायसवाल, विजेंद्र चौहान, रोशन सहारे, नोहर चंद्रा, राजेंद्र वर्मा, मनीष डडसेना, हुलेश चंद्राकार, उमा पाण्डेय, नेमी सिन्हा, विपिन यादव, रूपिका रानी मरकाम, चंद्रप्रकाश तिवारी, दिलीप लहरे, अशोक कुमार धुर्वे, वीरेंद्र यादव, पंकज लहरें, दिनेश नायक, अशोक नाग, राम नरेश अजगल्ले, कोमल साहू, रीता भगत, महेश सेठी, दुर्गा वर्मा, मंजू देवांगन, बुधनी अजय, काशी नाथ बघेल, यशवंत यादव, मनोज कश्यप, सीडी भट्ट, रणजीत बनर्जी, आलोक त्रिवेदी, त्रिपेश चापड़ी, संतोष यादव, केशरी पैकरा, प्रदीप पटेल, आशीष गुप्ता, यशवंत दुबे, अभिजीत तिवारी, हेमकुमार साहू, छबि पटेल, इंद्रजीत शर्मा, बिहारीलाल बेरठ, राजेश मिश्रा, रामकृष्ण साहू, उत्तम बघेल, राजा राम पटेल, धनंजय सिंह, नान्हू राजवाड़े, रविन्द्र गिरी, दीनबंधु वैष्णव, रीता भगत ने मांग की है, कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करे।
