प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों के खाली पदों पर पदोन्नति की मांग को लेकर ‘छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन’ ने सौंपा ज्ञापन।

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रायपुर – छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन द्वारा प्रदेश की प्राथमिक शालाओं में रिक्त ‘प्रधान पाठक’ के सैकड़ों पदों पर तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय , रायपुर को ज्ञापन सौंपा गया है। फेडरेशन ने मांग की है कि विभाग जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर समय-सीमा के भीतर पदोन्नति की कार्यवाही पूर्ण करे।

पदोन्नति में देरी से बढ़ रही हैं समस्याएं

फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार राठौर ने बताया कि विगत लंबे समय से बहुत सारे जिलो में पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी होने के कारण प्राथमिक शालाओं में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है। प्रतीक्षा सूची से सहायक शिक्षको को पदोन्नति अविलम्ब दिया जाए पत्र में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया है:

* मानसिक तनाव और सेवानिवृत्ति: पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कई पात्र सहायक शिक्षक बिना पदोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे शिक्षकों में निराशा और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।

* प्रशासनिक कार्यों में बाधा: प्रधान पाठक का पद रिक्त होने से स्कूलों में मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन), विभागीय जानकारी का समय पर प्रेषण और शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी कठिनाई आ रही है।

* अतिरिक्त कार्यभार: वर्तमान में वरिष्ठ सहायक शिक्षकों को ‘प्रभारी’ बनाकर कार्य लिया जा रहा है, जिससे उन पर कार्य का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है और इसका सीधा असर शिक्षण की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

फेडरेशन की प्रमुख मांगें

शिक्षक फेडरेशन ने संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय से आग्रह किया है कि:

* प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को रिक्त पदों की गणना करने के निर्देश दिए जाएं। और रिक्त पदों का प्रकाशन करते हुए कार्यवाही करें

* जल्द से जल्द वरिष्ठता सूची का प्रकाशन किया जाए।

* नियमों के तहत एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पदोन्नति की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाए।

फेडरेशन का कहना है कि यदि यह प्रक्रिया जल्द पूरी होती है, तो इससे न केवल हजारों शिक्षकों का हित होगा, बल्कि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

पदाधिकारियों में — रविन्द्र राठौर, राजू टंडन, देवेंद्र हरमुख, मनीष मिश्रा, शेषनाथ पाण्डेय, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, सुरजीत सिंह चौहान, सिराज बक्श, पुरुषोत्तम झाड़ी, आदित्य गौरव साहू, टिकेश्वर भोई, तरुण वैष्णव, गोकुल जायसवाल, विजेंद्र चौहान, रोशन सहारे, नोहर चंद्रा, राजेंद्र वर्मा, मनीष डडसेना, हुलेश चंद्राकार, उमा पाण्डेय, नेमी सिन्हा, विपिन यादव, रूपिका रानी मरकाम, चंद्रप्रकाश तिवारी, दिलीप लहरे, अशोक कुमार धुर्वे, वीरेंद्र यादव, पंकज लहरें, दिनेश नायक, अशोक नाग, राम नरेश अजगल्ले, कोमल साहू, रीता भगत, महेश सेठी, दुर्गा वर्मा, मंजू देवांगन, बुधनी अजय, काशी नाथ बघेल, यशवंत यादव, मनोज कश्यप, सीडी भट्ट, रणजीत बनर्जी, आलोक त्रिवेदी, त्रिपेश चापड़ी, संतोष यादव, केशरी पैकरा, प्रदीप पटेल, आशीष गुप्ता, यशवंत दुबे, अभिजीत तिवारी, हेमकुमार साहू, छबि पटेल, इंद्रजीत शर्मा, बिहारीलाल बेरठ, राजेश मिश्रा, रामकृष्ण साहू, उत्तम बघेल, राजा राम पटेल, धनंजय सिंह, नान्हू राजवाड़े, रविन्द्र गिरी, दीनबंधु वैष्णव, रीता भगत ने मांग की है, कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करे।