पारदर्शी ‘ऑनलाइन स्थानांतरण नीति’ लागू करने हेतु छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन

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रायपुर – छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आज स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के शिक्षकों के लिए एक सुगम और पारदर्शी ‘ऑनलाइन स्थानांतरण नीति 2026’ अविलंब लागू करने की मांग की है।

शिक्षकों की प्रमुख समस्याएं और मांगें:

फेडरेशन ने रेखांकित किया कि प्रदेश के हजारों शिक्षक वर्षों से अपने गृह जिलों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में स्थानांतरण पर प्रतिबंध होने के कारण शिक्षकों को निम्नलिखित गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:

* पारिवारिक विखंडन: लंबे समय से घर से दूर पदस्थापना के कारण शिक्षकों का पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

* स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत चुनौतियां: कई शिक्षक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिन्हें चिकित्सीय सहायता के लिए बार-बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

* मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता: बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल, बच्चों की शिक्षा और कैंसर व डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर गृह जिले या शहरों के समीप पदस्थापना देने की मांग की गई है।

ऑनलाइन पोर्टल आधारित नीति के लाभ:

फेडरेशन ने जोर देकर कहा है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाना चाहिए। इससे:

* पारदर्शिता आएगी: मानवीय हस्तक्षेप कम होने से भ्रष्टाचार और पक्षपात की गुंजाइश खत्म होगी।

* शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार: जब शिक्षक मानसिक तनाव से मुक्त होकर अपने परिवार के करीब रहेंगे, तो वे पूरी ऊर्जा के साथ अध्यापन कार्य कर सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा।

फेडरेशन का आह्वान:

प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर ने शासन से अपील की है कि कर्मचारी हित को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी स्थानांतरण नीति 2026 को शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि शिक्षकों को न्याय मिल सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में इस मांग को प्रदेश के लाखों शिक्षकों के हित में आवश्यक बताया।

पदाधिकारियों में— रविन्द्र राठौर, राजू टंडन, देवेंद्र हरमुख, मनीष मिश्रा, शेषनाथ पाण्डेय, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, सुरजीत सिंह चौहान, सिराज बक्श, पुरुषोत्तम झाड़ी, आदित्य गौरव साहू, टिकेश्वर भोई, तरुण वैष्णव, गोकुल जायसवाल, विजेंद्र चौहान, रोशन सहारे, नोहर चंद्रा, राजेंद्र वर्मा, मनीष डडसेना, हुलेश चंद्राकार, उमा पाण्डेय, नेमी सिन्हा, विपिन यादव, रूपिका रानी मरकाम, चंद्रप्रकाश तिवारी, दिलीप लहरे, अशोक कुमार धुर्वे, वीरेंद्र यादव, पंकज लहरें, दिनेश नायक, अशोक नाग, राम नरेश अजगल्ले, कोमल साहू, रीता भगत, महेश सेठी, दुर्गा वर्मा, मंजू देवांगन, बुधनी अजय, काशी नाथ बघेल, यशवंत यादव, मनोज कश्यप, सीडी भट्ट, रणजीत बनर्जी, आलोक त्रिवेदी, त्रिपेश चापड़ी, संतोष यादव, केशरी पैकरा, प्रदीप पटेल, आशीष गुप्ता, यशवंत दुबे, अभिजीत तिवारी, हेमकुमार साहू, छबि पटेल, इंद्रजीत शर्मा, बिहारीलाल बेरठ, राजेश मिश्रा, रामकृष्ण साहू, उत्तम बघेल, राजा राम पटेल, धनंजय सिंह, नान्हू राजवाड़े, रविन्द्र गिरी, दीनबंधु वैष्णव, रीता भगत ने मांग की है, कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करे।