प्रदेश के हजारों शिक्षकों से जुड़े शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता का मुद्दा

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रायपुर – प्रदेश के हजारों शिक्षकों से जुड़े शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता का मुद्दा अब विधानसभा में गूंजने जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षा फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर व शक्ति जिला अध्यक्ष भोलाशंकर साहू के अनुरोध पर जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बालेश्वर साहू ने इस महत्वपूर्ण विषय पर प्रश्न लगाया है।
विधानसभा में लगाए गए प्रश्न में प्रदेश में शासन द्वारा नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत उन शिक्षकों की कुल संख्या की जानकारी मांगी गई है, जिनके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही उनकी जिलावार स्थिति भी स्पष्ट करने की मांग की गई है।
प्रश्न के माध्यम से यह भी जानना चाहा गया है कि TET की अनिवार्यता से संबंधित नियमों के संबंध में शासन ने माननीय न्यायालय में कोई पक्ष प्रस्तुत किया है या नहीं। यदि प्रस्तुत किया गया है तो उसका संक्षिप्त विवरण क्या है, तथा यदि नहीं, तो इस विषय पर शासन की प्रस्तावित कार्यवाही क्या है।
विशेष रूप से वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संदर्भ में शासन की नीति, दिशा-निर्देश एवं संभावित शिथिलता को लेकर भी स्पष्ट जवाब मांगा गया है। इसके अतिरिक्त अन्य विभागों में नियुक्ति पश्चात किसी प्रकार की अनिवार्य योग्यता परीक्षा लागू किए जाने की स्थिति पर भी जानकारी चाही गई है।
प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर ने कहा कि TET अनिवार्यता का मुद्दा हजारों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति एवं भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शासन इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए न्यायसंगत निर्णय लेगा।
विधायक बालेश्वर साहू जी ने कहा है कि टेट मुद्दे पर शिक्षकों के हित में मेरा पूरा सहयोग रहेगा जहां जैसी आवश्यकता पड़ेगी हम संघर्ष करने के लिए तैयार हैं शिक्षक समुदाय में इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें विधानसभा में सरकार के जवाब और आगामी नीति निर्णयों पर टिकी हुई हैं।

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